शीर्षक पढ़कर आप भी सोच रहें होंगे की क्या बेकार लिखा है! भला प्रधानमंत्री को क्यों जरुरत नहीं होगी वो भी तो इंसान है उसका भी घर-परिवार है! उसके भी खर्चे है बल-बच्चे है! घर चलाना है! भविष्य है उनका भी!
पर क्या अपने सोचा है की जब उसके सारे मंत्री-अधिकारी भ्रस्ट है रिश्वत खोर है! लाखो-करोडो डकार जाते है! वंहा भला ऐसा हो सकता है की हमारी पूजनीय प्रधानमंत्री जी इस सब से बचे रहते होंगे! क्या वो घोटालो से हुए लाखो-करोडो के वारे-न्यारे मे अपना हिस्सा नहीं लेते होंगे! जरुर लेते होंगे! ये कहना के प्रधानमंत्री को कुछ पता नहीं था! तो ये सब बकवास है कोई इस पर यकीन करेगा की घर का सदस्य कोई अपराध करे और मुखिया को पता न चले! ऐसा हो भी सकता है अगर मुखिया लाचार हो बेबस हो या फिर किसी रोग से पीड़ित हो जिसमे उसे कुछ होश ही न हो! लेकिन यंहा पर सब निरर्थक है ये सब कहना क्यंकि हमारे प्रधानमंत्री जी किसी रोग से पीडित नहीं है हाँ लाचार और बेबस जरुर है! और वो ऐसे क्यों है वो तो अब वही बता सकते है! लेकिन इतना जरुर है की वो घर(भारत) के मुखिया है! और मुखिया या तो भ्रस्ट है या फिर कुछ और!
समय है सिर्फ कुछ करने का!
सोचने का समय जा चूका है!
कृपया सोचने मे समय व्यर्थ न करे!
कांग्रेस हटाओ देश बचाओ!
पर क्या अपने सोचा है की जब उसके सारे मंत्री-अधिकारी भ्रस्ट है रिश्वत खोर है! लाखो-करोडो डकार जाते है! वंहा भला ऐसा हो सकता है की हमारी पूजनीय प्रधानमंत्री जी इस सब से बचे रहते होंगे! क्या वो घोटालो से हुए लाखो-करोडो के वारे-न्यारे मे अपना हिस्सा नहीं लेते होंगे! जरुर लेते होंगे! ये कहना के प्रधानमंत्री को कुछ पता नहीं था! तो ये सब बकवास है कोई इस पर यकीन करेगा की घर का सदस्य कोई अपराध करे और मुखिया को पता न चले! ऐसा हो भी सकता है अगर मुखिया लाचार हो बेबस हो या फिर किसी रोग से पीड़ित हो जिसमे उसे कुछ होश ही न हो! लेकिन यंहा पर सब निरर्थक है ये सब कहना क्यंकि हमारे प्रधानमंत्री जी किसी रोग से पीडित नहीं है हाँ लाचार और बेबस जरुर है! और वो ऐसे क्यों है वो तो अब वही बता सकते है! लेकिन इतना जरुर है की वो घर(भारत) के मुखिया है! और मुखिया या तो भ्रस्ट है या फिर कुछ और!
समय है सिर्फ कुछ करने का!
सोचने का समय जा चूका है!
कृपया सोचने मे समय व्यर्थ न करे!
कांग्रेस हटाओ देश बचाओ!
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